13 November 2020

जिलों में बढ़ती आबादी से राष्ट्रीय समस्या

जहां हिंदुओं की जनसंख्या गिरी है, वहां-वहां राष्ट्रवाद कमजोर हो रहा है। देश में 54 ऐसे जिले हैं, जहां जनसंख्या की जनसांख्यिकी में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इन 54 जिलों में से 5 जिले केरल के, 9 पश्चिम बंगाल के, 12 असम, 4 बिहार, 17 उत्तर प्रदेश और 2 झारखंड के हैं। इन जिलों में हिंदुओं की संख्या में भारी गिरावट आई है। केरल के मलप्पुरम जिले समेत इन जिलों में तो गैर मुस्लिमों का प्रवेश प्रतिबंधित है। वहीं केरल से 1300 ईसाई लड़कियां लव जिहाद के चलते गायब हो गईं। जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था, तब पाकिस्तान में हिंदुओं की जनसंख्या 22 फीसदी थी। अब वहां हिंदुओं की आबादी केवल 1 फीसदी रह गई है।

इसके विपरीत 1947 में भारत में मुस्लिम आबादी 8 फीसदी थी जी और हिंदुओं की आबादी 90 फीसदी थी। अब नए आंकड़ों में आया है कि हिंदुओं की जनसंख्या 70 फीसदी हो गई है जबकि मुस्लिम आबादी 28 फीसदी से ज्यादा हो गई है। जनसंख्या में इस बदलाव का भारतीय संस्कृति और धर्म पर विपरीत प्रभाव पड रहा है। धीरे-धीरे देश में कौमियत हावी हो जाएगा। भारत में बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लगाने के लिए एक कानून नहीं है। भारत में जनसंख्या में तेजी से बदलाव के चलते राष्ट्रवाद खतरे में है।

बहुसंख्यक समुदाय के जनसंख्या में कमी से न केवल लोकतंत्र कमजोर हो रहा है, यह देश में राष्ट्रवाद की परिभाषा को बदल देगा। 2010-2015 के बीच जन्म लेने वाले हिंदू शिशुओं की संख्या से 3.3 करोड़ कम होगी. भारत में घटती प्रजनन दर से 2055-60 में हिंदुओं की जनसंख्या में भारी गिरावट आएगी। दुनिया के 94 फीसदी हिंदू भारत में रहते हैं।

प्यू रिसर्च  सेंटर के एक अध्ययन का यह दावा है कि उसके अगले दो दशक के अंदर दुनियाभर में मुस्लिम महिलाओं से पैदा होने वाले बच्चों की संख्या नवजात ईसाई शिशुओं से बढ़ने की संभावना है और इस तरह, 2075 तक इस्लाम दुनिया का सबसे बड़ा धर्म बन जाएगा।

वर्ष 2015 के उपरांत ईसाई और मुस्लिम महिलाओं के लगातार बढ़ती संख्या में शिशुओं के जन्म देने की संभावना है, यह रूझान 2060 के बाद भी जारी रहेगी. लेकिन मुस्लिम शिशुओं की तेजी से बढ़ेगी। इतनी तेजी से कि वर्ष 2035 तक उनकी संख्या ईसाई नवजात शिशुओं से आगे निकल जाएगी।

इन दोनों पंथों के बीच शिशुओं की संख्या के बीच अंतर 60 लाख तक पहुंच सकती है, यानी मुस्लिामों के बीच 23.2 करोड़ शिशु बनाम ईसाइयों के बीच 22.6 करोड़ शिशु। उनके अध्ययन कहता है कि लेकिन इसके विपरीत 2015-60 के दौरान सभी अन्य बड़े पंथों में जन्म लेने वाले शिशुओं की कुल संख्या तेजी से गिरने की संभावना है। बदलते वैश्विक धार्मिक परिदृश्यनामक एक  अध्ययन का मत  है कि जन्म लेने वाले शिशुओं की संख्या में गिरावट खासकर हिंदुओं में होगी।

बढ़ती आबादी की मुख्य वजह

भारत में आबादी बढ़ने की कई वजह सामने आ रही हैं। क्योंकि देश में अभी भी कोई सख्त कानून नहीं है इसलिए सब चल रहा है। लेकिन सबसे बडी वजहों में है जन्म दर का मृत्यु दर से अधिक होना। हमने मृत्यु दर को तो सफलतापूर्वक कम दर दिया है पर यही बात जन्म दर के बारे में नहीं कही जा सकतीं कई जनसंख्या नीतियों और अन्य उपायों से प्रजनन दर कम तो हुई है पर फिर भी यह दूसरे देशों के मुकाबले बहुत अधिक है। इसके लिए कई सामाजिक मुद्दे हैं जिससे देश की आबादी बढ़ती जा रही है।

जल्दी शादी विवाह प्रणाली हमारे यहां अभी भी चल रही है। वैसे तो कानूनी तौर पर लड़की की शादी की उम्र 18 साल है, लेकिन जल्दी शादी की अवधारणा यहां बहुत प्रचलित है और जल्दी शादी करने से गर्भधारण करने की अवधि भी बढ़ जाती है। इसके अलावा भारत में शादी को एक पवित्र कर्तव्य और सार्वभौमिक अभ्यास माना जाता है। जहां लगभग सभी महिलाओं की शादी प्रजनन क्षमता की आयु में आते ही हो जाती है। वहीं गरीबी और निरक्षरता आबादी के तेजी से बढ़ने का एक अन्य कारण है।

गरीब परिवारों में एक धारणा है कि परिवार में जितने ज्यादा सदस्य होंगे उतने ज्यादा लोग कमाने वाले होंगे। लेकिन सच है कि भारत अब भी गर्भ निरोधकों और गर्भनिरोधक विधियों के इस्तेमाल में पीछे है। कई लोग इस बारे में बात करने के लिए तैयार नहीं होते हैं या फिर इससे पूरी तरह अनजान हैं। वहीं निरक्षरता भी आबादी बढ़ने का एक अन्य कारण है। पुराने सांस्कृतिक आदर्श भारत में बेटे परिवार में पैसे कमाने वाले माने जाते हैं। इस दकियानूसी सोच के चलते माता-पिता पर बेटा पैदा करने का दबाव बहुत बढ़ जाता है।

जितने ज्यादा हों उतना और अच्छा। वहीं अवैध प्रवासी भी एक बडा कारण है। हम इस तथ्य को नहीं नकार सकते कि बांग्लादेश, नेपाल से अवैध प्रवासियों की लगातार वृद्धि से जनसंख्या घनत्व में बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं कुछ लोग गरीबी में और ज्यादा बच्चा पैदा करके गरीबी को दूर करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में अब हमें सिर्फ कोई सख्त कानून ही बचा सकता है जनसंख्या के विस्फोट से।


लव जिहाद और हत्याएं

1. शाकिब ने एकता की लव जिहाद में की हत्या- मेरठ, 4 जून 2020 

2. इस्लाम ना कबूलने पर डॉ मिर्जा ने की चयनिका की हत्या- जमशेदपुर, 4 जनवरी 2020

3. धर्म परिवर्तन से मना करने पर नेहा को मुस्लिम युवक ने की हत्या- खुर्जा, 25 सितंबर 2014 

4. लव जिहाद में शमशाद ने की माँ- बेटी, प्रिया और कशिश की कत्ल- मेरठ, 21 अगस्त 2020 

5. हाफीज खां ने रंजीत कौर का धर्मांतरण, निकाह, तलाक और फिर बाद में हलाला कराया- बरेली, 18 मार्च 2018 

6. आसिफ ने झूठ बोलकर दोस्ती की और बलात्कार कर 66 विडियो बनाई- सीकर, 24 सितंबर 2019 

7. हिन्दू लड़की की धर्मपरिवर्तन करके मुस्लिम युवक ने केरल में बेचा- भोजपुर, 4 अप्रैल 2018

8. मुजाहिद खान ने नाम बदलकर रचना चौहान से की शादी धर्म परिवर्तन कराया- ग्वालियर, 21 सितंबर 2014 

9. साकिब ने समीर बनकर शादी की फिर प्रियंका को गर्भवती करके भाग गया- जबलपुर, 6 सितंबर 2014

10. धर्म परिवर्तन न करने पर दलित महिला के घर में लगाई आग- मेवात, 18 जनवरी 2018

11. पानीपत में लव जिहाद की शिकार दलित छात्रा से मुस्लिम ऑटो चालक ने किया दुष्कर्म- पानीपत, 18 जनवरी 2018

12. लव जिहाद करके निसार शेख ने दीपाली की रस्सी से गला घोंट कर की हत्या- मालाड, 12 मार्च 2020   

13. इमरान ने नाम बदलकर की लव जिहाद पूरा परिवार निकला फर्जी- सीकर, 30 मई 2019 

14. दूसरी शादी में बाधा बनने पर सुभाषिनी को नसीम ने हत्या कर दी- बाराबंकी, 5 अगस्त 2020 

15. 13 साल की मासूम हिन्दू बालिका को रसीद और तौफीक ने किया गर्भवती- भरतपुर, 26 मई 2020 

16. भारत में लव जिहाद के प्रति वर्ष करीब 20 हजार मामले 

17. जुनैद नियाज अंसारी ने दलित लड़की को लव जिहाद में फंसा कर किया बलात्कार- आगरा 28 दिसंबर 2017 

18. स्वेता ने अकरम की दूसरी शादी से आहत होकर आत्म हत्या की- हैदराबाद, 7 जून 2020 

19. रेयाज, सुलेमान और सैयद अनवर ने किया नाबालिग हिन्दू लड़की का बलात्कार- उदयपुर, 10 जून 2020

20. गुलाब अली ने दलित लड़की के साथ किया बलात्कार- एटा, 13 अप्रैल 2018  

21. केरल उच्च न्यायालय स्वीकार करता है की लव जिहाद हो रहा है- केरल, 9 दिसंबर 2009 

22. NIA भी स्वीकार करता है की लव जिहाद हो रहा है सुप्रीम कोर्ट हस्तछेप करे- दिल्ली, 16 अगस्त 2017 

23. आतंकी संगठन आईएस और लव जिहाद के लिए केरल उपजाऊ जमीन है- केरल, 23 जुलाई 2016 

24. ऑपरेशन धर्मांतरण माफिया- केरल की धर्मांतरण फैक्ट्रियां बेपर्दा- केरल, 31 अक्टूबर 1017 

25. ब्रिटिश न्यूज़ पेपर का दावा बेटियों को लव जिहाद से बचाओ- लंदन, 22 फरवरी 2007 

26. लद्दाख में भी बौद्ध धर्म की लड़कियों के साथ हो रहा है लव जिहाद- श्रीनगर, 31 जनवरी 201


रोशनी एक्ट भूमि घोटाला: जम्मू कश्मीर ब्यूरोक्रेसी का लैंड जिहाद

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने हमारे की दावे पर एक बार फिर से मोहर लगा दी है. जम्मू कश्मीर में अब तक का सबसे बड़ा रोशनी एक्ट भूमि घोटाला की जाँच अब सीबीआई करेगी. जम्मू कश्मीर की चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस राजेश बिंदल की अध्यक्षता में गठित डिवीजन बेंच ने इस मामले को सीबीआई के हवाले करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. ऐसे में अब इस बड़े जमीन जिहाद के जद में बड़े-बड़े नौकरशाह फंसते हुए नजर आरहे हैं. ये घोटाला नौकारशाही जिहाद का एक बड़ा नमूना है. भ्रष्ट ब्यूरोक्रेट ने जो जमीन जिहाद किया है वो अबतक तक का सबसे बड़ा षड़यंत्र है..इस षड़यंत्र से हिन्दू बाहुल्य जम्मू को मुस्लिम बाहुल्य बनाने का कुचक्र रचा गया है.



जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने इस पूरे भ्रष्टाचार को 'बेशर्म' और 'राष्ट्रहित को नुकसान पहुंचाने वाला' बताते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं. इस जमीन जिहाद में सबसे बड़ी बात ये है की रोशनी एक्ट के तहत जमीन पाने वाले 96 प्रतिशत लाभार्थी मुस्लिम हैं. जम्मू कश्मीर में बीस लाख कनाल सरकारी भूमि पर नेताओं, पुलिस अधिकारियों, नौकरशाहों, राजस्व अधिकारियों के अवैध कब्जे को जायज बनाने के लिए रोशनी एक्ट बनाया गया. इसके बाद जो सरकारी जमीन बच गई उसे मुसलमानों में बंदरबांट कर दी गई.

नवंबर 2001 में विधानमंडल ने रोशनी एक्ट को अधिनियमित किया और मार्च 2002 में इसे लागू किया गया था. रोशनी एक्ट के आने के बाद करोड़ों रुपयों की जमीन कौड़ियों के भाव में अतिक्रमणकारियों को सौंप दी गई. रोशनी एक्ट बनाकर सभी अतिक्रमण को जायज कर दिया गया गया. एडवोकेट अंकुर शर्मा ने रोशनी एक्ट को समाप्त कर इस घोटाले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग कोर्ट से की थी जिसे कोर्ट ने मांगों पर गौर करते हुए जाँच के आदेश दे दिए. जांच आगे बढ़ने पर इसके दायरे में राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्री भी आ सकते हैं. नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद पर अब जाँच की आंच आने वाली है. साथ ही बड़े नौकरशाहों में हडकंप मचा हुआ है. जम्मू-कश्मीर में 25,000 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन गैरकानूनी रूप से जो हड़पा गया है इससे राज्य सरकार को अरबों रूपये का आर्थिक हानि हुई है.

जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने नौकरशाही के जरिये हुई घोटाले पर कठोर टिप्पड़ी की है. कोर्ट ने सतर्कता अधिकारियों को लूट की इस नीति के प्रति आंखें मूंदकर बैठे रहने पर इसे कोताही करार दिया. अदालत ने सरकारी जमीन पर गैर-कानूनी कब्जा करने वालों को लेकर कहा है कि इन लुटेरों की सत्ता में इतनी गहरी पैठ रही है कि यह अपने फायदे के लिए कानून भी बनवा सकते थे. अदालत ने यह भी आशंका जताई है कि जिस तरह से जमीन के ये लुटेरे प्रभावी रहे हैं, उससे लगता है कि उन्होंने नीति निर्धारण से लेकर उसके लागू करवाने तक में हर स्तर पर भूमिका निभाई है. कोर्ट की ये टिप्पड़ी नौकरशाहों के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है और शर्मनाक भी. 


                      रौशनी एक्ट: ब्यूरोक्रेसी का लैंड जिहाद 


जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने सुदर्शन न्यूज़ के दावे पर एक बार फिर से मोहर लगा दी है.

जम्मु-कश्मीर उच्च न्यायालय ने रौशनी स्कीम को अवैध घोषित कर दिया है. 

जम्मू कश्मीर में अब तक का सबसे बड़ा भूमि घोटाले की जाँच अब सीबीआई करेगी.

जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने इस गड़बड़ी को 'बेशर्म' और 'राष्ट्रहित को नुकसान पहुंचाने वाला' बताते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं.

रौशनी स्कीम के तहत जमीन पाने वाले 96 प्रतिशत लाभार्थी मुस्लिम हैं.

जम्मू कश्मीर में बीस लाख कनाल सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज़ा.

जमीन पर नेताओं, पुलिस अधिकारियों, नौकरशाहोंक और राजस्व अधिकारियों के अवैध कब्जे को वैध बनाने के लिए रौशनी स्कीम बनाई गई.

इस स्कीम के तहत करोड़ों रुपयों की जमीन कौड़ियों के भाव अतिक्रमणकारियों को सौंप दी गई.

रौशनी स्कीम बनाकर सभी अतिक्रमण को जायज कर दिया गया.

जांच के दायरे में राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्री भी आ सकते हैं. 

नवंबर 2001 में विधानमंडल ने रौशनी स्कीम को अधिनियमित किया था. 

मार्च 2002 में रौशनी स्कीम को कानूनी रूप से लागू किया गया था.

2018 में तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रोशनी एक्ट को खत्म कर दिया था.


                        जम्मू का इस्लामीकरण प्लान 

जिला- जम्मू 

कुल लाभार्थी 18 

हिन्दू 3 मुस्लिम 15 


रामबाण क्षेत्र 

कुल लाभार्थी 11  

हिन्दू 1 मुस्लिम 10 


मैत्रा क्षेत्र

कुल लाभार्थी 17  

हिन्दू 1 मुस्लिम 16 


पूँछ क्षेत्र

कुल लाभार्थी 14   

हिन्दू 0  मुस्लिम 14 


कश्मीर के कुल 10 जिला 

क्षेत्रफल का कुल 7.5 % 


जम्मू के कुल 10 जिला  

क्षेत्रफल का कुल 36 % 


कश्मीर में अतिक्रमण 

4,44,293  कनाल  7.5 %


जम्मू में अतिक्रमण 

16,02,513 कनाल  36 %

कट्टर क़ाज़ी रशीद मसूद का अंतिम संस्कार हिन्दू रीतिरिवाजों से

देश में जिहादी विचारों को विराम देने के लिए मुहीम तेज हो गई है. बड़े संख्या में आये दिन मुस्लिम समाज के लोग हिन्दू धर्म और रीतिरिवाजों को अपना रहे हैं. एक ऐसा ही वाक्या सामने आया हैउत्तर परदेश के बिलासपुर से. पूर्व केंद्रीय मंत्री क़ाज़ी रशीद मसूद का अंतिम संस्कार और रस्म पगड़ी को इमरान मसूद और उनके पुत्र ने अधूमधाम से पूरा किया. इसमें सबसे बड़ी बात ये है की जिस काजी रशीद की अंतिम संस्कार हिन्दू रीतिरिवाजों से की गई वह कांग्रेस का UP में मुस्लिम नेता थे.

बिलासपुर में हिंदू समाज द्वारा काजी रशीद मसूद की तेरहवीं कार्यक्रम में मंत्रोच्चारण के उपरांत शाजाद मसूद को पगड़ी पहनाई गई। मगर इस्लाम के ठेकेदार इस पर भड़के हुए हैं. झंडाबरदार मौलबी-मौलाना इस तरह के कार्यक्रमों में शिरकत करना नाजायज बता रहे हैं. मगर इस झंडाबरदार ठेकेदारों को जवाब देते हुए पूर्व विधायक इमरान मसूद ने उलमा की प्रतिक्रिया पर कहा कि हम और हमारा अल्लाह बेहतर जानने वाला है, क्योंकि हम कलमे के मानने वाले लोग हैं। इसलिए हमें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. नौ बार सांसद और हिदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक रहे काजी रशीद मसूद का पांच अक्टूबर को निधन हो गया था.

जामिया शेखुल हिद के मोहतमिम मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि घर के किसी बड़े को चुनना या पगड़ी बांधना बुरी बात नहीं है, पूर्व कांग्रेस विधायक तथा मरहूम रशीद मसूद के भतीजे इमरान मसूद ने कहा कि हिदू समाज द्वारा आयोजित रस्म पगड़ी तथा शोकसभा पर सवाल उठाने वालों के तर्क से वह सहमत नहीं हैं. पगड़ी रस्म के आयोजनकर्ता रतन लाल ने कहा की अगर हिदू समाज ने काजी रशीद मसूद की रस्म पगड़ी का आयोजन कर उन्हें सम्मान दिया है तो मुझे नहीं लगता इसमें कोई विरोध वाली कोई बात है. किसी को भी इस पर दिक्कत नहीं होनी चाहिए. फिर भी ये रस्म जिहादी मानसिकता से ग्रसित मौलानओं हजम नहीं हो रह है.

 

इस्लामिक जिहाद के प्रतारणा की शिकार ने लगाई आग

उत्तर प्रदेश के लखनऊ आज एक दर्दनाक घटना सामने आई है. ये घटना पूरे समाज को शर्मशार कर के रख दिया है. राजधानी लखनऊ में मंगलवार सुबह विधानसभा के सामने एक महिला ने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली. महिला को जलते हुए देखकर लोगो में हड़कंप मच गया. महिला का पूरा शरीर धू-धू कर के जल रहा था. गनीमत ये रही की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और स्थानीय लोगों ने महिला को बचाया. महिला को आनन-फानन में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस महिला को जिसने भी जलते हुए देखा उसका उसकी रूह काप उठी. ऐसे सवाल खड़ा होता है कि अन्याय के खिलाफ आखिर हमारे समाज में महिलाएं और लड़कियां कब तक अपने आप को आग के हवाले करती रहेंगी?

पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि 35 वर्षीय महिला महाराजगंज जिले के रहने वाली है. महिला की शादी अखिलेश तिवारी से शादी हुई थी. बाद में अखिलेश और महिला का तलाक हो गया था. महिला ने धर्म परिवर्तन करके आसिफ नाम के युवक से निकाह कर लिया था. शादी के बाद आसिफ महिला को धोखा देकर सउदी अरब चला गया था. आसिफ के परिजन महिला को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे. आसिफ के परिजनों की प्रताणना से परेशान होकर महिला ने आत्मदाह की कोशिश की. देशभर में आए दिन हिन्दू लड़कियां और महिलाएं मुसलमानों की जिहादी प्रतारणा के शिकार हो रही है. 

घटना मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे की है. राजनीतिक पार्टी के कार्यालय के सामने गेट नंबर 2 के बाहर अचानक ये महिला पहुंची. महिला ने पहले खुद पर केरोसिन डाला...और देखते ही देखते खुद को आग के हवाले कर दी. सामने खड़ी पुलिस देखती रह गई और महिला आग की लपटों में घिर गई. आसपास के लोगों ने कपड़े की मदद से आग तो बुझाई मगर तबतक महिला आग की लपटों से बुरी तरीके से जल चुकी थी. डॉक्टरों का कहना है कि महिला 50% से ज्यादा जल चुकी है. महिला की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है...और अस्पताल में जिन्दगी और मौत से जूझ रही है. 

07 November 2020

जिहाद के प्रकार एवं संक्षिप्त विवरण

 


1.  लव जिहाद: (Love Jihad)- मुस्लिम लड़का हिन्दू लड़की को पहले प्यार के झूठे जाल में फंसाता है और बाद में उसका धर्म परिवर्तना कर देता है. साथ ही लड़की को बाद में बेच देता है या फिर बच्चा पैदा करके छोड़ देता है. इसके अलावे लड़की को देह-व्यापार और मानव बम के लिए इस्तेमाल किया जाता है.



2. लैंड जिहाद: (Land Jihad)- लैंड जिहाद के जरिये बांग्लादेशी और रोहिंगीय घुसपैठियों को सरकारी जमीनों पर कब्ज़ा कराया जारहा है. गरीब हिन्दू एवं आदिवासियों की जमीनों पर कब्ज़ा हो रहा है. साथ ही कुछ राज्य सरकारें विधानसभा में कानून बनाकर मुसलमानों को रेवड़ी की तरह जमीनें बाट रही है. सबसे ताज़ा उदहारण है जम्मू कश्मीर में रौशनी एक्ट इसके तहत हिन्दू बाहुल्य जम्मू में मुसलमानों को सरकारी जमीन पर बसाया गया.

3. रोजगार जिहाद: (Employment Jihad)- देशभर में गरीब हिन्दुओं के रोजगारों पर जबरदस्त हमला कर रहे हैं. सड़क के किनारे टायर पंचर बनाने, नाई का कार्य करनेवाले, मकान बनाने वाले मजदूर, राजमिस्त्री, गाड़ी बनाने वाले मिस्त्री, सब्जी-फल बेचने वाले जैसे सभी छोटे मोटे रोजगार के साधनों पर मुसलमानों का कब्ज़ा हो चुका है. अब बांग्लादेशी और रोहिंगीय भी इसमें शामिल हो गए हैं.

4.  बुद्धिजीवी जिहाद: (Intellectual Jihad)- देश के अंदर अर्बन नक्सलियों के समान इस्लामिक जिहादी भी हैं वे अपने-अपने तरीके से इस्लामिक आतंकवाद को जस्टिफाई करने का काम करते रहते हैं. ये वर्ग शातिर तरीके से अध्यात्मिक और शैक्षणिक स्तर पर इस्लामिक विचारों को बढ़ावा दते हैं.

5.  फिल्म जिहाद: (Film Jihad)- फिल्मों के जरिये हिन्दू देवी-देवताओं और हिन्दुओं बारे में नकारात्मक प्रस्तुति किया जा रहा है. हिन्दू योद्धाओं और वीरांगनाओं को इस्लामिक आक्रान्ताओं से कमतर और हारा हुआ दिखाया जाता है. हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले विषयों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जाता है.

6.  संगीत जिहाद: (Jusic Jihad)- ये एक बेहद ही गोपनीय जिहाद है. इसके जरिये अक्सर फिल्मों में अल्ला-मौला जैसे गाने को परोसा जाता है. इसके म्यूजिक और धून को ऐसे बनाया जाता है कि कोई भी सुनने वाला उसमे मग्न हो जाता है और अल्लाह, मोहम्मद जैसे शब्दों के जरिये उसे इस्लामिक के प्रति लागाव होने लगता है. वो मस्जिदों में जाने लगता है और उसे इस्लामिक इबादतों में विश्वास होने लगता है. आज का युवा पीढ़ी और खुद को आधुनिक बताने वाली हिन्दू लड़कियां सबसे अधिक इस जिहाद की शिकार होती है.

7.  विज्ञापन जिहाद: (Advertisement Jihad)- इसके जरिए बड़े कॉर्पोरेट जगत के विज्ञापनों से हिन्दू भावनाओं को ठेस पहुचाने का कार्य किया जाता है. साथ हीं विज्ञापन में हमेशा हिन्दू लड़की को मुस्लिम के साथ प्यार या शादी करते दिखाया जाता है. इससे एक प्रकार के मानसिक परिवर्तन करने लव जिहाद को बढ़ावा दने में मुसलमानों को मदद मिलता है.  

8.  राजनैतिक जिहाद: (Political Jihad)- बड़ी योजना के तहत इस्लाम मतावलंबी आरक्षित सीटों पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं. अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की लड़कियों से विवाह कर उनके आरक्षित सीटों पर मुखिया, सरपंच जिला पार्षद बन इन कमजोर वर्गों के साथ अन्याय कर उनके अधिकारों का हनन कर रहे हैं. मस्जिदों से फतवा जारी करके मुस्लिम समर्थक उमीदवारों को वोट करने के लिए अपील करते है मौलवी. चुनाव आयोग से दलितों का परिसीमन बदलवा कर मुस्लिम उमीदवार को जिताया जा रहा है.

9.  घुसपैठ जिहाद: (Infiltration Jihad)- इसके जरिये बांग्लादेश, अफगानिस्तान की सीमा से मुसलमानों को भारत में घुसपैठ कराया जा रहा है. एक आँकड़े के अनुसार यह संख्या 3 करोड़ से 5 करोड़ के बीच में है. इन्हें सेक्युलर राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त है. इस्लामिक संगठन उसे बसाने का ब्यवस्था बनाने में लगे हैं.

10.  जनसंख्या जिहाद: (Population Jihad)- इसके जरिए तेजी से मुस्लिम आबादी बढ़ाई जा रही है. मुसलमानों द्वारा परिवार नियोजन का उपाय नहीं किया जाता है. प्रत्येक मुसलमान 2-3 शादियां करता है. इसप्रकार एक मुस्लिम 15 से 20 बच्चा पैदा करता है. इतना ही नहीं लव जिहाद, घुसपैठ के माध्यम से सुनियोजित तरीके से अपनी संख्या बढ़ाने के लिए हिन्दू लड़कियों से शादी करके बच्चा पैदा करके छोड़ देते हैं.

11. जन्म पंजीकरण जिहाद: (Birth Registration Jihad)- इसके जरिये एक मुसलमान 4 से पांच जगहों पर जन्म पजीकरण करा रहा है ताकि NRC लागू होने पर रोहिंगीय और बांग्लादेशी मुसलमानों को भारतीय नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत करने में आसानी हो. साथ हीं जघन्य अपराध में बचने और सरकारी सुविधाओं का लाभ हासिल कर सकें.

12. औषधीय जिहाद: (Medicinal Jihad)- चिकित्सा के द्वारा इस्लाम का काम यानी हिन्दुओं को समाप्त करना विश्व में इस्लाम की सत्ता को स्थापित करना हैं. अभी-अभी श्री लंका में एक चिकित्सक पकड़ा गया है जो हिन्दू महिलाओं की बच्चादानी निकालने, पुरुषों को नपुंसक बनाने की दवा देना कोई भी रोगी हो उसे इस प्रकार की दवा देना जिससे वह बच्चा नहीं पैदा कर सके. इस समय भारत में यह कार्य बहुत तेजी से हो रहा है. ये एक प्रकार से मानवता के विरुद्ध औषधीय जिहाद है.

13.  केटरिंग जिहाद:  (Catering Jihad)- भारत में अधिकतर मुस्लिम होटल में ये जिहाद चल रहा है उसमें यह कार्य जोरों से चल रहा है. आज सभी आधुनिक हिन्दू पति-पत्नी दोनों भोजन होटल से मंगाते हैं यादि केटरर्स मुस्लिम है तो वह नपुसंकता की दवा खाने में डाल देता है, यदि हिन्दू होटल वाला है तो भोजन पहुचाने वाला यदि मुस्लिम है तो वह रास्ते में भी दवा मिला रहा है. मुसलमानों का प्रथम कर्तब्य जिहाद बताया गया है. ऐसे में कोई भी मुस्लिम किसी भी प्रकार से जिहाद करने से नहीं चुकता है.

14.  आर्थिक जिहाद: (Economic Jihad)- इसके जरिये नकली नोटों को भारत में फैलाया जा रहा है ताकि भारत को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके. साथ ही सभी बड़े प्रोजेक्ट और संस्थाओं में बड़े मुस्लिम उद्योगपति निवेश कर के उसपर अपना कब्ज़ा कर रहे है. इसके लिए बड़े पैमाने पर विदेशों से धन हवाला और अन्य माध्यमों के जरिये लाया जारहा है.

15. ऐतिहासिक जिहाद: (Historical Jihad)- ये एक बेहद ही घातक जिहाद है, इसके जरिये पूरे हिन्दुओं की इतिहास को धवस्त करके इस्लामिक आक्रान्ताओं को महान और विजेता के रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है. सभी प्रकार के पाठ्यक्रम और स्कूलों में इस्लामिक इतिहास को बढ़ावा दिया जा रहा है. मुगलों की झूठी महानता का महिमामंडित किया जा  है. हिन्दू राजाओं को उनके इतिहास को हारा हुआ और झूठे तरीके से पेश किया जा रहा है.

16.  मीडिया जिहाद: (Media Jihad)- इसके जरिये ख़बरों के प्रत्येक माध्यम द्वारा इस्लामिक विचारों को फैलाया जा रहा है. साथ हीं मुसलमानों को जिहाद के लिए उकसाया जा रहा है. सभी प्रकार के जिहादी विषयों का प्रचार-प्रसार पड़े पैमाने पर किया जा रहा है. मुस्लिम पत्रकारों और जनसंपर्क संस्थाओं के द्वारा इस्लामिक कट्टरता को बेहद ही शातिर तरीके से प्रचार-प्रसार और उसका बितरण किया जा रहा है. ख़बरों में मिलावट करके हिन्दू समाज में भ्रम की स्थिति पैदा किया जा रहा है.

17.  झूठ जिहाद: (Falsehood Jihad)- इसके जरिये सभी प्रकार के झूठ को फैलाया जाता है. जिसमे प्रमुख रूप से हिन्दू देवताओं के बारे में झूठ, हिन्दू धर्म संस्कृति के बारे में झूठ, दंगा भड़काने का झूठ, हिन्दू नेताओं और पार्टी के बारे में झूठ फैलाया जाता है. झूठी अफवाहों के जरिये समाज में नफरत और सामाजिक सौहार्द को बिगड़ने के लिए किया जाता है. इसका सबसे जयादा उपयोग जम्मू कश्मीर में होता है जहां पर मुस्लिम युवकों को पत्थर बाजी और सेना पर हमला करने के लिए झूठी ख़बरों को फैला कर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है.  

18. थूक जिहाद: (Sputum Jihad)- ये अबतक का सबसे घटिया किस्म का जिहाद है. इसमें प्रमुख रूप से भूमिका मुस्लिम व्यापारियों का होता है. साथ ही इसे जमीनी स्तर पर मुस्लिम ठेले-खोमचे वाले की होती है. ये लोग फलों, सब्जियों और खाने-पीने की चीजों पर थूक लगा देते है जिससे जो बीमारी बेचने वाले को होती है वही बीमारी खाने वाले को हो जाती है. 

19.  कोरोना जिहाद: (Corona Jihad)- ये सबसे नई किस्म का जिहाद है. ये तब सामने आया जब देशभर में कोरोना का कहर सामने आया था. तबलीगी जमात और कुछ अन्य मुस्लिम संगठन और मौलवियों को देखा गया की वो लोगों में जबरन कोरोना फ़ैलाने के लिए जगह- जगह थूक रहे थे. साथ ही डॉक्टर और नर्सों के ऊपर भी थूकने का मामला सामने आया था. साथ ही मुस्लिम बाहुल्य अधिकतर इलाके में कोरोना का केस इसी वजह से सामने आया था. इसके जरिये हिन्दुओं में माहामारी फ़ैलाने की कोशिश की जाती है.

20.  यूपीएससी जिहाद: (UPSC Jihad)- ये अबतक का सबसे बड़ा जिहाद है, इसके जरिये संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाले परीक्षा के जरिये मुस्लिम IAS और IPS अधिकारियों की घुसपैठ कराई जाती है. इस घुसपैठ से देश की सत्ता और नौकरशाही पर कब्जे का प्लान बनाया गया है. इसके लिए कोचिंग सेंटर बेहद ही रणनीतिक तरीके से चलाया जा रहा ताकि देश के सभी उच्च पदों पर मुस्लिम अधिकारीयों की भर्ती कराई जा सके.  

लव जिहादियों के खिलाफ लड़ने वाले योद्धा विजयकांत चौहान उर्फ़ जूनियर भगत सिंह

लव जिहादियों को फांसी दिलाने की हमारी मुहीम जारी है. हम इस महा मुहीम की सीरीज में उन सभी देशभक्तों को शामिल कर रहे हैं जो अपने कर्तब्य निष्ठा से हर दिन लव जिहादियों से लड़ रहे हैं.आज इसी कड़ी में हमारे साथ एक ऐसा लव जिहादियों से लड़ने वाले योद्धा शामिल हो रहे हैं. जिन्हें देखते हीं लव जिहादियों की रूह कापती है.



आज हमारे साथ मौजूद है उत्तरप्रदेश से सहारनपुर के रहने वाले लव जिहादियों से लड़ने वाले योद्धा शेरे हिंदुस्तान विजयकांत चौहान.... विजयकांत चौहान देश भर में जूनियर भगतसिंह के नाम से चर्चित हैं. विजय कान्त दो भाई हैं दोनों भाई देश और धर्म के लिए बाल्यकाल से समर्पित हैं...दोनों ने शादी नहीं की है. ये दोनों भाई आजीवन राष्ट्र सेवा का सपथ लिया है. इनके पिताजी 2005 में स्वर्गवासी हो गए. परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूटने के बावजूद भी ये अपने पथ से कभी डीगे नहीं.



इनका अपना कुछ भी नहीं है...आज भी ये गौशाला में रहते है...वही सोते है....हर मिनट हर घड़ी देश धर्म और लव जेहाद के विरूद्ध संघर्ष करते रहते हैं. देशभक्ति का बिगुल स्कूल कॉलेज चौक चौराहों पर प्रचार अपनी बाइक द्वारा करते हैं, बाईक पर हर वक्त भगतसिंह की प्रतिमा लगी रहती है...साथ हीं राष्ट्र ध्वज तिरंगा लहराता र्रहता है. इनकी राष्ट्रभक्ति कुछ इसकदर अपनी अमिट छटा भबिखेरती है की देश भक्ति गीत सुन राह चलते लोग भी झूमने-नाचने गाने लगते हैं...पूरी दुनिया इन्हें प्यार से पागल क्रांतिकारी गुंडा गौरक्षक धर्म रक्षक ना जाने कितने उपनामों से पुकारती है.



42 साल के विजयकांत चौहान पिछले 35 सालों से लव जिहादियों से लड़ रहे हैं. पूरा देश इनके राष्ट्र भक्ति की मुरीद है. हाल हीं में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत स्वामी अवधेशानंद जी गुजरात के उप मुख्यमंत्री नीतिन भाई पटेल इन्हें सम्मानित कर चुके हैं. इसके अलावा राजस्थान मुंबई हैदराबाद दिल्ली पंजाब हरियाणा बिहार मध्य प्रदेश देहरादून अहमदाबाद आदि कई स्थानों पर राष्ट्रभक्त सम्मान से सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं. युवाओं में देशभक्ति को जागृत करने और हिन्दू लड़कियों को लव जिहादियों से बचने के लिए जूनियर भगत सिंह स्कूल कॉलेज में अपना जागरूकता संबोधन करते हैं.



विजयकांत चौहान जी सिर्फ देश हीं नहीं विदेशों में भी चर्चा का विषय बने रहते हैं. हाल ही में अन्तर्राष्ट्रीय न्यूज जर्नलिस्ट पेरिस लंदन कनाडा आस्ट्रेलिया फ्रांस जर्मनी सिंगापुर अमेरिका चाइना भूटान इटली नीदरलैंड आदि के 4 दर्जन से भी ज्यादा न्यूज अख़बार टीवी और वेबसाइट ने इनके उपर डॉक्युमेंट्री बना चुके हैं. लव जिहाद पर विजयकांत जी द्वारा किए जा रहे कार्यों पर शॉर्ट डॉक्युमेंट्री फिल्में जारी अब भी जारी है.



वहीँ बॉलीवुड हीरोइन कल्कि कोचलिन भी इनका इंटरव्यू कर चुकी हैं...और कई सारे इंटरव्यू इनके हर महीने होते रहते हैं. बात चाहे लव जिहाद की हो या राष्ट्रवाद की इनका कदम हमेशा से आगे रहा है. एक बार खुद हीं लाल चौक पर कश्मीर में कड़ाके की ठंड में बाईक पर राष्ट्र ध्वज तिरंगा झंडा लेकर निकल पड़े थे. इनका संकल्प था की तिरंगा लहराकर आऊंगा और लाल चौक के गद्दार विधायक शब्बीर शाह की धुनाई कर के आऊंगा...वरना मुर्दा वापिस आऊंगा...और हुआ भी वही  दोनों कार्य सेना के सहयोग से पूरा किये...शब्बीर शाह की पीटाई पूरी दुनिया ने लाइव देखा था...और लाल चौक पर तिरंगा भी लहराया.



ये अब तक 5 हजार से ज्यादा हिन्दू  लड़कियों की जान लव जिहादियों से बचाया हैं. देशभर में संघर्ष के दौरान कोट-कचहरी, से लेकर पुलिस थाना तक और जिहादियों के फायरिंग का सामने करते हुए इनका ये युद्ध जारी है.

लगभग 200 से ज्यादा हिन्दू से मुस्लिम बनी लड़कियों को संघर्ष द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट नैनिताल उत्तराखंड हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट चंडीगढ़ हाईकोर्ट मुंबई हैदराबाद बिहार पंजाब से कानूनी लड़ाई लड़ कर घर वापसी कराई है. साथ हीं इन लड़कियों को हिन्दू लड़कों से शादी भी सम्मान पूर्वक कराई है. इनमे कुछ मामले ऐसे भी थे जहां इनके उपर गोलियां तक चलाई गई.



ये एक बड़े गौ भक्त भी हैं...अब तक लगभग 6 हजार से भी ज्यादा मृत गौवंश का सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार निशुल्क करा चुके हैं. इस कार्य के लिए इनका संस्था भगत सिंह एक चिंगारी मिशन वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज़ करा चुका है.

ये अबतक 10 हजार से भी ज्यादा जिंदा गौवंश पिछले 25 सालो के संघर्ष में आमने सामने की फायरिंग में गौ तस्करों से छुड़वाकर गौशाला और पुलिस के हवाले कर चुके हैं. अब तक 10 बार जेल जा चुके है और 100 से ज्यादा बार गिरफ्तार हो चुके है. 200 से ज्यादा फर्जी मुकदमे भी इनके उपर दर्ज हो चुके है. मगर ये हर बार बरी हुए हैं. कुछ थानों में ही ख़तम हो गए कुछ कोर्ट में ख़तम हो चुके है. अब तक 15 बार गोली चल चुकी है इनके उपर... 100 से ज्यादा बार हमले हुए है इनपर... हजारों बार जान से मारने की धमकियां देश विदेश से मिल चुकी है.



इनका पूरा जीवन देश और धर्म के नाम पर समर्पित है. हर महीने एक शाम माता के नाम, एक शाम भगतसिंह के नाम, मां तुझे प्रणाम, एक शाम क्रांतिवीर के नाम सांस्कृतिक देशभक्ति कार्यक्रमों द्वारा युवाओं में देश भक्ति हिंदुत्व और अन्यायों के विरूद्ध संघर्ष के लिए प्रेरित करते रहते हैं. लव जिहादियों को फांसी दिलाने की इस महा मुहीम में...लव जिहादियों के खिलाफ लड़ने वाले इस योद्धा को हम स्वागत करते है.