महाराष्ट्र
का मुख्यमंत्री कौन होगा? इसको लेकर
अभी सस्पेंस बरकरार है। दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के साथ महायुति के तीनों
नेताओं की बैठक के बाद भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई ऐलान नहीं हो
पाया। सरकार गठन को लेकर अबतक कोई प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ी है। एकनाथ शिंदे ने
अमित शाह के साथ हुई बैठक को अच्छी और
सकारात्मक बताया है। मुंबई में भी महायुति की एक और बैठक होनी थी, लेकिन ये भी बैठक
फिलहाल टल गई है। मुख्यमंत्री पद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी
हुई है। सरकार बनाने को लेकर होने वाली इस देरी पर अब विपक्ष भी सवाल उठाना शुरू
कर दिया है।
देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि 'मुख्यमंत्री पद को लेकर वरिष्ठ नेता विचार-विमर्श कर रहे हैं। जल्द ही कोई
फैसला लिया जाएगा।' 'मुख्यमंत्री पद पर चर्चा का जवाब जल्द ही मिल जाएगा। महायुति में शामिल
तीनों दलों के नेता मिलकर फैसला करेंगे। पहले मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला होगा, फिर मंत्रियों के नाम
तय किए जाएंगे। महाराष्ट्र
बीजेपी प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि बीजेपी में हर कोई देवेंद्र फडणवीस को
मुख्यमंत्री बनाना चाहता है। 'महायुति में शामिल सहयोगी दलों के कार्यकर्ता अपने
नेताओं को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। तीनों दलों के नेता बैठकर फैसला करेंगे।
बीजेपी कार्यकर्ता केंद्रीय नेतृत्व के फैसले से कभी नाराज नहीं होता। उनका फैसला
अंतिम होता है। पार्टी नेता सही फैसला लेते हैं। महायुति के मुख्यमंत्री जल्द ही
शपथ लेंगे।'
शिवसेना सांसद नरेश
म्हस्के ने कहा कि उनका खेमा महायुति के साथ है। फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया जाता
है, तो भी वे उद्धव ठाकरे
की तरह अलग नहीं होंगे। 'हम उद्धव ठाकरे नहीं हैं जो मुख्यमंत्री पद नहीं
मिलने पर चले जाएंगे।'
चुनाव से पहले महायुति
ने कहा था कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री पद पर
फैसला नतीजों के बाद लिया जाएगा। 23 नवंबर को नतीजों की घोषणा के कुछ घंटों बाद शिंदे
ने कहा था कि मुख्यमंत्री पद पर फैसला गठबंधन के नेता लेंगे। एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
फिलहाल वो कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने हुए हैं। विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो है जिससे नई सरकार को जल्द शपथ दिलाने की आवश्यकता
बढ़ गई। जिसे लेकर अब सवाल भी उठने लगा है।
अगर सूत्रों की माने तो शिंदे को मुख्यमंत्री पद नहीं
दिया जाता है, तो उन्होंने गृह मंत्रालय का पद मिल सकता है। इसकी मांग खुद शिंदे ने की
है।
देवेंद्र फडणवीस के
मुख्यमंत्री बनने की राह में सबसे बड़ी बाधा एकनाथ शिंदे हैं। मगर देवेंद्र फडणवीस के लिए राहत वाली बात ये भी है कि
शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने अपनी दावेदारी वापस ले ली है। एकनाथ शिंदे के
मुख्यमंत्री न बनने की सूरत में उनके नये रोल को लेकर भी अलग अलग तरह के कयास
लगाये जा रहे हैं। कभी उनके केंद्र सरकार का हिस्सा बनने तो कभी महाराष्ट्र में ही
उनकी भूमिका तलाशी जा रही है, और ऐसी चर्चाएं अंदर बाहर दोनों तरफ हो रही
हैं- महायुति के एक और मजबूत पार्टनर एनसीपी नेता अजित पवार ने तो पहले बीजेपी के
मुख्यमंत्री को अपना समर्थन दे दिया है। अजित पवार की ही तरह अब एकनाथ शिंदे ने भी साफ कर दिया है कि उनको भी
बीजेपी हाईकमान का फैसला खुशी- खुशी मंजूर होगा। इस बीच उनके बेटे को डिप्टी सीएम
बनाये जाने की भी चर्चा चल रही है।
एकनाथ
शिंदे और अजित पवार ने अपनी तरफ से भले ही देवेंद्र फडणवीस के रास्ते के कांटे साफ
कर दिये हों, लेकिन जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेता अमित शाह
की मंजूरी नहीं मिल जाती, तबतक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हायुति को मिली 230 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 132 सीटें मिल जाने के साथ ही देवेंद्र फडणवीस की
मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी पक्की हो गई थी, लेकिन ये तो अब तक पक्का नहीं हो पाया है कि वो मुख्यमंत्री बनने ही जा रहे
हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी नेतृत्व देवेंद्र फडणवीस के अलावा कुछ और भी नाम पर
विचार कर रहा है। बीजेपी में मराठा नेताओं की बात करें तो एक नाम तो विनोद तावड़े भी
हैं, जो देवेंद्र फडणवीस के कट्टर विरोधी हैं, और हाल ही में विवादों में भी थे। मराठा
चेहरों में आशीष शेलार और राधाकृष्ण विखे पाटिल जैसे नेता भी हैं। राधाकृष्ण विखे
पाटिल को अमित शाह का करीबी भी माना जाता है- अगर मराठा समुदाय से बीजेपी आलाकमान
को कोई मराठा नेता पसंद आ गया तो देवेंद्र फडणवीस के लिए मुश्किल भी हो सकती है।
नई कैबिनेट में बीजेपी
आधे पद अपने पास रख सकती है। वहीं, माना जा रहा है कि नई सरकार में एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को तीन
बड़े विभागों सहित महाराष्ट्र के 12 कैबिनेट पद मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो महायुति गठबंधन में तीसरी
पार्टी अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी को कैबिनेट में नौ सीटें मिलने की संभावना
है। महाराष्ट्र कैबिनेट में अधिकतम 43 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि महाराष्ट्र कैबिनेट
में एकनाथ शिंदे को शहरी विकास, लोक निर्माण विभाग और जल संसाधन जैसे प्रमुख विभाग मिल सकते हैं। इस राजनीतिक उठापटक के बीच, महाराष्ट्र की जनता नए मुख्यमंत्री
के नाम का बेसब्री से इंतजार कर रही है। देखना होगा कि आखिरकार किसके सिर पर
मुख्यमंत्री का ताज सजता है। क्या फडणवीस फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे या शिंदे को
यह जिम्मेदारी मिलेगी? या फिर कोई और चेहरा सामने आएगा? यह तो आने वाला वक्त ही
बताएगा।