प्रयागराज में महाकुंभ उत्सव
जारी है, जिसमें लगातार देशभर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं का आगमन हो
रहा है। श्रद्धालु और संतजन त्रिवेणी संगम में पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगा
रहे हैं। महाकुंभ में पहला अमृत स्नान मकर संक्रांति पर संपन्न हुआ था, जबकि दूसरा अमृत स्नान मौनी
अमावस्या के अवसर पर हुआ। वहीं अब अगला अमृत स्नान वसंत पंचमी के दिन होगा। आइए
जानते हैं कि वसंत पंचमी किस दिन है और इस दिन अमृत स्नान का शुभ मुहूर्त क्या
रहेगा।
महाकुंभ का
तीसरा अमृत स्नान
महाकुंभ में
वसंत पंचमी के दिन विशेष अमृत स्नान का आयोजन होगा
तीसरा अमृत स्नान 3 फरवरी को ब्रह्म मुहूर्त में होगा
वसंत
पंचमी के दिन पवित्र स्नान का शुभ समय सुबह 05:23 बजे
से शुरू होगा
इस
शुभ समय में संगम में स्नान करने से पुण्य लाभ प्राप्त होता है
वसंत
पंचमी के दिन कुंभ स्नान से समस्त पापों का नाश हो जाता है
वसंत पंचमी का दिन ज्ञान, विद्या
और बुद्धि की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है
इस दिन अमृत स्नान करने से मां
सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है
पवित्र स्नान करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता का संचार होता है
महाकुंभ का तीसरा अमृत स्नान 3 फरवरी को बसंत
पंचमी के दिन है। इस दिन नागा साधुओं के सभी अखाड़े महाकुंभ में शामिल होंगे। इसके
साथ ही करोड़ों श्रद्धालु भी पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाएंगे। नागा साधुओं का
ये महाकुंभ में अंतिम स्नान भी होगा। इसके बाद नागा साधु अपने अखाड़ों में वापस
लौट जाएंगे, वहीं कुछ नागा साधु हिमालय में गहन साधना के लिए आगें
बढ़ेंगे। यही कारण है की 3 फरवरी के लिए प्रशासन के तरफ से विशेष तैयारीयां की गई है ताकि इस बार कोई भी चूक
नहीं हो पाए।
भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन का प्लान
महाकुंभ मेला की
व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए 12 फरवरी तक स्पेशल अधिकारियों को तैनात किया
गया है
मुख्य सचिव और डीजीपी
महाकुंभ मेला की सुरक्षा व्यवस्था और बसंत पंचमी पर होने वाले ‘अमृत स्नान’
की व्यवस्थाओं
की समीक्षा करेंगे
हादसे के बाद मेला क्षेत्र
को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है
अब मेला क्षेत्र में किसी
भी वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा
मेला क्षेत्र में भीड़ के
दबाव को नियंत्रित करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं
होल्डिंग एरिया में
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर खाने, पानी और बिजली की व्यवस्था
की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार
की असुविधा न हो
मेला क्षेत्र में आने वाले
सभी VVIP के पास रद्द कर दिए गए हैं
अब कोई भी विशेष पास के
माध्यम से वाहन को एंट्री नहीं दी जाएगी
बसंत पंचमी के अवसर पर शहर
में चार पहिया वाहनों की एंट्री पर 4 फरवरी तक रोक लगा दी गई है
प्रयागराज के सभी मार्गों
को वन-वे किया गया है ताकि श्रद्धालु एक ही रास्ते से आएं और दूसरे से वापस जाएं
मालवाहक वाहनों को 31
जनवरी तक यूपी के सीमावर्ती जिलों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी
मौनी अमावस्या पर हुए
हादसे के बाद अब प्रयागराज से सटे जिलों से आने वाले सवारी वाहनों को जिले की सीमा
पर रोका जा रहा है
महाकुंभ मेला में 10
डिजिटल खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं,
जिनको
और अधिक सुगम किया गया है
इसके अलावा, शिकायत या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया गया है
प्रयागराज महाकुंभ में दर्शन और
आस्था की डुबकी लगाने के बाद लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। बड़ी तादाद
में लोग अयोध्या पहुंचकर भगवान राम के दर्शन कर रहे हैं. ऐसे में अयोध्या में भारी
भीड़ देखी जा रही है...श्रद्दालुओं की बढ़ती भीड़ यहां भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई
है।
बसंत पंचमी के दिन होने वाले तीसरे अमृत के लिए सभी
अखाड़ों के साधु-संत स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पहुंच रहे हैं। यूके के एक ऐसे
ऋषि, जो
ड्रम बजाते हैं और 'सनातन
धर्म' का
पालन करते हैं, ने
सबका ध्यान खींचा है। यूके के रहने वाले अंतरन सरस्वती दास भजन गायन के कारण
आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। दास अब पूरी तरह से सनातन के रंग में रंग चुके हैं।
महाकुंभ
में बसंत पंचमी के दिन डुबकी लगाने के लिए विदेशों से आए श्रद्धालुओं में आतुरता
दिख रही। विदेशी श्रद्धालु लगातार प्रयागराज पहुंच रहे है। आज दिनभर विदेशी मेहमानों
का आना जारी रहा। महाकुंभ में फिजी, फिनलैंड, गुयाना, मलेशिया, मॉरीशस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका,
त्रिनिदाद और टोबेगो और संयुक्त अरब अमीरात के श्रद्धालु
पहुंचे रहे हैं। साथ ही भारतीय संस्कृति की विविधता और धार्मिक एकता का अनुभव कर
रहे हैं। उनके लिए यह यात्रा न केवल एक धार्मिक अनुभव है, बल्कि एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का
हिस्सा लेने का भी एक शुभ अवसर भी है।
प्रयागराज महाकुंभ
में आए हुए श्रद्धालुओं का मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्वागत किया और आपसी
सौहार्द की मिसाल पेश की। श्रद्धालुओं को पुष्प और रामनामी अंगवस्त्र देकर स्वागत
किया। जामा मस्जिद चौक के बाहर जुटे मुस्लिम समुदाय ने गंगा जमुनी तहजीब की पेश की
मिसाल वही फूल और अंग वस्त्र पहनाकर जब श्रद्धालुओं को संगम के लिए रवाना किया गया।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद दरगाह के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए ताकि
उन्हें कोई दिक्कत न हो।
महाकुंभ 2025 में साध्वी वेश में रथ पर सवार हर्षा रिछारिया
सुर्खियों में हैं। वायरल वीडियो से उन्हें
"महाकुंभ की सबसे सुंदर साध्वी" कहा गया, लेकिन उनके पुराने
ग्लैमरस लुक्स ने भी ध्यान खींचा। हर्षा ने स्पष्ट
किया कि वे साध्वी नहीं, बल्कि
सनातन धर्म की अनुयायी हैं, और
युवा पीढ़ी को धर्म से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। हर्षा से बात की हमारे
संवाददाता ने।