31 January 2025

बसंत पंचमी पर तीसरा बड़ा अमृत स्नान: भीड़ से निपटने के लिए प्रशासन तैयार, बसंत पंचमी स्नान के लिए 10 प्लान तैयार, स्पेशल अधिकारियों को बुलाया गया प्रयागराज, तीसरे अमृत स्नान की तैयारी चुनौती भारी! बसंत पंचमी पर करेंगे सभी अखाड़े स्नान

 

प्रयागराज में महाकुंभ उत्सव जारी है, जिसमें लगातार देशभर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। श्रद्धालु और संतजन त्रिवेणी संगम में पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। महाकुंभ में पहला अमृत स्नान मकर संक्रांति पर संपन्न हुआ था, जबकि दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के अवसर पर हुआ। वहीं अब अगला अमृत स्नान वसंत पंचमी के दिन होगा। आइए जानते हैं कि वसंत पंचमी किस दिन है और इस दिन अमृत स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

 

महाकुंभ का तीसरा अमृत स्नान

 

महाकुंभ में वसंत पंचमी के दिन विशेष अमृत स्नान का आयोजन होगा

तीसरा अमृत स्नान 3 फरवरी को ब्रह्म मुहूर्त में होगा

वसंत पंचमी के दिन पवित्र स्नान का शुभ समय सुबह 05:23 बजे से शुरू होगा

इस शुभ समय में संगम में स्नान करने से पुण्य लाभ प्राप्त होता है

वसंत पंचमी के दिन कुंभ स्नान से समस्त पापों का नाश हो जाता है

वसंत पंचमी का दिन ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है

इस दिन अमृत स्नान करने से मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है

पवित्र स्नान करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता का संचार होता है

 

महाकुंभ का तीसरा अमृत स्नान 3 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन है। इस दिन नागा साधुओं के सभी अखाड़े महाकुंभ में शामिल होंगे। इसके साथ ही करोड़ों श्रद्धालु भी पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाएंगे। नागा साधुओं का ये महाकुंभ में अंतिम स्नान भी होगा। इसके बाद नागा साधु अपने अखाड़ों में वापस लौट जाएंगे, वहीं कुछ नागा साधु हिमालय में गहन साधना के लिए आगें बढ़ेंगे। यही कारण है की 3 फरवरी के लिए प्रशासन के तरफ से विशेष तैयारीयां की गई है ताकि इस बार कोई भी चूक नहीं हो पाए।

 

भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन का प्लान

महाकुंभ मेला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए 12 फरवरी तक स्पेशल अधिकारियों को तैनात किया गया है

मुख्य सचिव और डीजीपी महाकुंभ मेला की सुरक्षा व्यवस्था और बसंत पंचमी पर होने वाले अमृत स्नानकी व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे

हादसे के बाद मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है

अब मेला क्षेत्र में किसी भी वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा

मेला क्षेत्र में भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं

होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर खाने, पानी और बिजली की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो

मेला क्षेत्र में आने वाले सभी VVIP के पास रद्द कर दिए गए हैं

अब कोई भी विशेष पास के माध्यम से वाहन को एंट्री नहीं दी जाएगी

बसंत पंचमी के अवसर पर शहर में चार पहिया वाहनों की एंट्री पर 4 फरवरी तक रोक लगा दी गई है

प्रयागराज के सभी मार्गों को वन-वे किया गया है ताकि श्रद्धालु एक ही रास्ते से आएं और दूसरे से वापस जाएं

मालवाहक वाहनों को 31 जनवरी तक यूपी के सीमावर्ती जिलों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी

मौनी अमावस्या पर हुए हादसे के बाद अब प्रयागराज से सटे जिलों से आने वाले सवारी वाहनों को जिले की सीमा पर रोका जा रहा है

महाकुंभ मेला में 10 डिजिटल खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं, जिनको और अधिक सुगम किया गया है

इसके अलावा, शिकायत या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया गया है


प्रयागराज महाकुंभ में दर्शन और आस्था की डुबकी लगाने के बाद लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। बड़ी तादाद में लोग अयोध्या पहुंचकर भगवान राम के दर्शन कर रहे हैं. ऐसे में अयोध्या में भारी भीड़ देखी जा रही है...श्रद्दालुओं की बढ़ती भीड़ यहां भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

 

बसंत पंचमी के दिन होने वाले तीसरे अमृत के लिए सभी अखाड़ों के साधु-संत स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पहुंच रहे हैं। यूके के एक ऐसे ऋषि, जो ड्रम बजाते हैं और 'सनातन धर्म' का पालन करते हैं, ने सबका ध्यान खींचा है। यूके के रहने वाले अंतरन सरस्वती दास भजन गायन के कारण आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। दास अब पूरी तरह से सनातन के रंग में रंग चुके हैं।



महाकुंभ में बसंत पंचमी के दिन डुबकी लगाने के लिए विदेशों से आए श्रद्धालुओं में आतुरता दिख रही। विदेशी श्रद्धालु लगातार प्रयागराज पहुंच रहे है। आज दिनभर विदेशी मेहमानों का आना जारी रहा। महाकुंभ में फिजी, फिनलैंड, गुयाना, मलेशिया, मॉरीशस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबेगो और संयुक्त अरब अमीरात के श्रद्धालु पहुंचे रहे हैं। साथ ही भारतीय संस्कृति की विविधता और धार्मिक एकता का अनुभव कर रहे हैं। उनके लिए यह यात्रा न केवल एक धार्मिक अनुभव है, बल्कि एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा लेने का भी एक शुभ अवसर भी है।

 

प्रयागराज महाकुंभ में आए हुए श्रद्धालुओं का मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्वागत किया और आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की। श्रद्धालुओं को पुष्प और रामनामी अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। जामा मस्जिद चौक के बाहर जुटे मुस्लिम समुदाय ने गंगा जमुनी तहजीब की पेश की मिसाल वही फूल और अंग वस्त्र पहनाकर जब श्रद्धालुओं को संगम के लिए रवाना किया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद दरगाह के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो।

 

महाकुंभ 2025 में साध्वी वेश में रथ पर सवार हर्षा रिछारिया सुर्खियों में हैं। वायरल वीडियो से उन्हें "महाकुंभ की सबसे सुंदर साध्वी" कहा गया, लेकिन उनके पुराने ग्लैमरस लुक्स ने भी ध्यान खींचा। हर्षा ने स्पष्ट किया कि वे साध्वी नहीं, बल्कि सनातन धर्म की अनुयायी हैं, और युवा पीढ़ी को धर्म से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। हर्षा से बात की हमारे संवाददाता ने।

30 January 2025

क्या है बजट से आम आदमी को उम्मीदें? बजट सत्र में किन मुद्दों पर होगी चर्चा? केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दी जानकारी, बजट से मिडिल क्लास की ख्वाहिशें होंगी पूरी?

 

एक आम आदमी को क्या चाहिए? इसका जवाब है- रोटी, कपड़ा और मकान... हालांकि, आज के इस महंगाई वाले दौर में तीनों चीजें मिलना किसी चुनौती से कम नहीं है। यूं तो आम जनता हमेशा ही सरकार से कुछ न कुछ राहत की उम्मीदें रखती है, लेकिन केंद्रीय बजट जब आने वाला होता है, तो उसकी इच्छाएं और उम्मीदें और भी बढ़ जाती है। खासकर मिडिल क्लास लोगों की निगाहें, तो इसी पर टिकी रहती हैं कि इस बार वित्त मंत्री के पिटारे से हमारे लिए क्या कुछ खास निकलने वाला है। हर बार की तरह इस बार भी महंगाई और टैक्स का बोझ झेल रहे मिडिल क्लास लोगों को उम्मीद है कि बजट 2025 में उन्हें सरकार कुछ तो राहत देगी। क्योंकि महंगाई दिनों दिन आसमान छूती जा रही है और आम इंसान की जेब पर बोझ बढ़ता ही जा रहा है।

 

बजट 2025 से आम आदमी को उम्मीदें

 

टैक्स में राहत मिलने की आशा

सरकार टैक्स फ्री इनकम की लिमिट को बढ़ा सकती है

मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए आयकर स्लैब में बदलाव

हाउसिंग लोन पर ब्याज में कटौती की सीमा बढ़ने की उम्मीद

NPS की अतिरिक्त कटौती सीमा 50,000 से बढ़ाकर 1,00000 होने की उम्मीद

टियर-2 शहरों के लिए HRA में सुधार

धारा 80D के तहत स्वास्थ्य देखभाल पर कटौती

PF ब्याज पर TDS में बदलाव की उम्मीद

वरिष्ठ नागरिकों को उच्च छूट सीमा की उम्मीद

टैक्स-सेविंग FD जैसे वित्तीय साधनों में निवेश को प्रोत्साहन की उम्मीद


देश फिलहाल कमजोर आर्थिक ग्रोथ, गिरते रुपए और दुनिया में चल रही उठापटक से जूझ रहा है, तो ऐसे में ये और भी अहम हो जाता है कि बजट में इस बार ऐसे क्या उपाय किए जाएं, जो आम जनता और खास मध्य वर्ग के लोगों के लिए राहत लेकर आएं। नौकरी पेशा लोगों के हालात तो और भी ज्यादा खराब है, क्योंकि कमाई में जो भी थोड़ी बहुत बढ़त हुई है, वो महंगाई के मुकाबले बहुत कम है। इसी के चलते कई लोगों को अपने रोजमर्रा के खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है और लाइफ स्टाइल में गिरावट भी आ रही है। ऐसे में सरकार से यही उम्मीदें हैं कि इस बार बजट में कुछ ऐसे उपाय किए जाएं, जिससे खाने-पीने की चीजों की कीमत, पेट्रोल-डीजल, गैस और दूसरे जरूरी सामान कुछ सस्ते हैं और लोगों की पहुंच के भीतर हो।

 

आज के समय में हेल्थ और एजुकेशन ये दो एरिया ऐसे हैं, जहां किसी भी आम इंसान को न चाहते हुए भी मजबूरी में बहुत ज्यादा खर्च करना पड़ता है। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख का मुफ्त इलाज दिया है, लेकिन फिर भी मेडिकल खर्च तो कहीं ज्यादा ही बैठता है। ऐसे में सरकार को प्राइवेट अस्पतालों पर नकेल कसनी चाहिए और साथ ही सरकारी हेल्थ सर्विस में सुधार पर भी ध्यान देना होगा। इसलिए आम बजट से इस बार यही उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च को काबू करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

 

रोटी और कपड़ा के अलावा मिडिल क्लास की और बड़ी जरूरत है घर। कहते हैं घर बनाने में पूरी उम्र बीत जाती है। ऐसे महंगाई को घर बनाने की सोचे भी और उसके लिए लोन ले भी, तो उस पर ब्याज बहुत ज्यादा होता है। होम लोन पर लगने वाले ब्याज की दर काफी ऊंची हैं। इसलिए बजट में मिडिल क्लास को और उम्मीद यही है कि सरकार कोई ऐसा कदम उठाए की होम लोन पर लगने वाला इंटरेस्ट रेट कम हो, ताकि मिडिल क्लास अपने घर का सपना पूरा कर सके।

वक्फ पर आर- पार ! वक्फ बोर्ड को JPC का ग्रीन सिग्नल, JPC अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपी रिपोर्ट, JPC में 16 वोट पक्ष में, 11 का विरोध, बजट सत्र में वक्फ बिल लाएगी केंद्र सरकार

 

वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर संसद की जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी- JPC ने आज ड्रॉफ्ट रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप दी। जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल, निशिकांत दुबे सहित अन्य भाजपा सांसदों ने ये रिपोर्ट सौंपी है। विपक्ष का कोई सांसद इस दौरान नजर नहीं आया। JPC में सभी प्रमुख दलों के सांसद सदस्य बनाए गए थे। जेपीसी ने एक दिन पहले ही ड्रॉफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। 16 सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट डाला। वहीं 11 सदस्यों ने विरोध किया था। कमेटी में शामिल विपक्षी सांसदों ने इस बिल पर आपत्ति जताई है। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, हमें 655 पन्नों की ड्रॉफ्ट रिपोर्ट मिली थी। 655 पन्नों की रिपोर्ट को एक रात में पढ़ना असंभव था। मैंने असहमति जताई है और संसद में भी इस विधेयक का विरोध करूंगा।

 

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर महत्वपूर्ण जेपीसी बैठक के समापन के बाद भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। विधेयक का उद्देश्य भूमि पर अतिक्रमण करने का प्रयास करने वाले निहित स्वार्थों द्वारा कानून के दुरुपयोग को रोकना है, जिससे देश में सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव को खतरा हो। वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी समाप्त हो गई है। सरकार का इरादा वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाना था और निहित स्वार्थों द्वारा कानून के दुरुपयोग को रोकना था जो देश में सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव की कीमत पर भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। ये दोनों उद्देश्य पारित किए गए संशोधनों और जेपीसी द्वारा स्वीकार की गई रिपोर्ट से पूरे हो गए हैं। अंतिम रिपोर्ट एक अच्छा दस्तावेज़ है जो वक्फ बोर्ड के कामकाज में बहुत जरूरी जवाबदेही और पारदर्शिता लाकर मुस्लिम समुदाय को सशक्त बनाती है

 

                                              वक्फ बोर्ड कानून

                          नए विधेयक और पुराने वक्फ कानून में अंतर

 

  वक्फ बोर्ड                                                                                         वक्फ बोर्ड

पुराना कानून                                                                                       नया बिल

 

1-सेक्शन 40 में रीजन टू बिलीव के तहत         नए बिल के अनुसार जमीन पर दावा          

अगर वक्फ बोर्ड किसी प्रॉपर्टी पर दावा             करने वाला ट्रिब्यूनल के अलावा

करता है तो उस जमीन पर दावा करने              रेवेन्यू कोर्ट, सिविल कोर्ट या

वाला सिर्फ ट्रिब्यूनल में ही अपील कर               हाईकोर्ट में अपील कर सकेगा।

सकता है।

 

2- वक्फ ट्रिब्यूनल का फैसला आखिरी माना        अब वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले के

  जाता है। उसे चुनौती नहीं दी जा सकती।          खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जा

                                                                                सकेगी।

 

3- किसी जमीन पर मस्जिद हो या                  जब तक किसी ने वक्फ को दान में

उसका उपयोग इस्लामिक उद्देश्यों के                 जमीन नहीं दी हो। उस पर भले ही

लिए हो तो वो ऑटोमैटिक                                 मस्जिद बनी हो पर वह

वक्फ की संपत्ति हो जाती है।                           वक्फ की संपत्ति नहीं होगी।

 

4-वक्फ बोर्ड में महिला और बतौर                    वक्फ बोर्ड में 2 महिलाओं और अन्य

सदस्य अन्य धर्म के लोगों की                         धर्म के 2 सदस्यों को एंट्री मिलेगी।

 एंट्री नहीं होगी।

 

विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा का कहना है कि कई आपत्तियां और सुझाव दिए गए थे, लेकिन उन्हें रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है। वहीं JPC के सदस्य रहे डीएमके सांसद ए राजा ने कहा कि उनकी पार्टी इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी।

 

PC की 24 जनवरी को दिल्ली में हुई बैठक में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया था। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें ड्राफ्ट में प्रस्तावित बदलावों पर रिसर्च के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। आरोप लगाया कि BJP दिल्ली चुनावों के कारण ध्यान में रखते हुए वक्फ संशोधन विधेयक पर रिपोर्ट को संसद में जल्दी पेश करने पर जोर दे रही है।

29 January 2025

महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर भगदड़! भगदड़ में कई लोग घायल, संगम नगरी में 8-10 करोड़ श्रद्धालु मौजूद, CM योगी ने की श्रद्धालुओं से अपील, जो जिस घाट के समीप है, वहीं करे स्नान' 15 मिनट बाद ही सामान्य हो गई स्थिति, श्रद्धालु लगाने लगे आस्था की डुबकी, करोड़ों लोगों ने किया संगम में स्नान

 

महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा है। संगम नगरी में करीब 8-10 करोड़ लोग मौजूद हैं। आम आदमी के साथ ही भीड़ कम होने के बाद अखाड़ों ने भी अमृत स्नान किया। महाकुंभ मेले में बुधवार तड़के अचानक भगदड़ मच गई थी। संगम नोज पर स्नान करने को श्रद्धालु इस कदर बेताब थे कि वे बैरिकेडिंग को फांद कर आगे बढ़ने लगे। इसी बीच कुछ शरारती तत्वों ने गलत अफवाह फैला दी इसकी वजह से अफरा-तफरी मच गई। इस भगदड़ में लगभग 20 लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी हो गए। सबका इलाज अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। सीएम योगी से लेकर पीएम मोदी तक महाकुंभ मेले पर नजर बनाए हुए हैं। भगदड़ पर आस्था भारी पड़ती दिख रही है। महाकुंभ में लोगों का आना लगातार जारी है।


भगदड़ के 15 मिनट बाद ही स्थिति सामान्य


मौनी अमावस्या पर कुंभ में देश-दुनिया से लोग पहुंचे हैं

रात 12 बजे के बाद ही संगम तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी

सभी श्रद्धालु संगम नोज वाले तट पर नहाने को बेताब थे

भीड़ इतनी थी कि रात एक बजे स्थिति खराब हो गई

डेढ़ बजते-बजडे संगम नोज पर बैरिकेड टूट गए

लोग बैरिकेड फांदने लगे इसी में कुछ श्रद्धालु बेकाबू हो गए

देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ का रूप ले लिया


पुलिस-प्रशासन ने दिखाई मुस्तैदी


घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया

इसके बाद एंबुलेंस से सबको अस्पताल पहुंचाया गया

घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है

संगम में स्नान को लेकर अब भी भारी दबाव है


सीएम योगी ने की उच्चस्तरीय बैठक की

इस बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के प्रमुख सचिव और अपर पुलिस महानिदेशक समेत सीनियर अफसर मौजूद रहे

मौनी अमवास्या पर अमृत स्नान को लेकर भोर से ही बैठक हो रही थी

सीएम योगी ने महाकुंभ भगदड़ पर अपडेट दिया और कहा कि बैरिकेड्स फांदकर आने की कोशिश में यह भगगड़ मची

सीएम योगी ने कहा, कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं 'प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है

रात में एक से दो बजे के बीच अखाड़ा मार्ग पर जहां से अमृत स्नान की दृष्टि से बैरिकेड्स लगाए गए थे...

बैरिकेड्स को फांदकर आने में कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार की व्यवस्था की गई है


भगदड़ पर लखनऊ से दिल्ली तक हलचल

खुद पीएम मोदी ने चार बार फोन करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से स्थिति का जायजा लिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और हेल्थ मिनिस्टर जेपी नड्डा ने भी महाकुंभ की स्थिति का जायजा लिया

पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा और प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी लगातार संपर्क बनाए हुए थे

संगम तट पर भक्तों की भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है

महाकुंभ मेला डीआईजी वैभव कृष्ण ने भी अखाड़ा की तरफ से आने वाले मार्ग का निरीक्षण किया

फिलहाल प्रशासन ने माहौल को कंट्रोल में कर लिया है भीड़ बहुत है, बावजूद इसके अभी भी स्नान हो रहा है

संगमनगरी में अब स्थिति सामान्य है, पुलिस की सुरक्षा-व्यवस्था चाक चौबंद है

भीड़ को कंट्रोल करने के लिए क्राउड डायवर्जन प्लान लागू कर दिया गया है

खुद सीएम योगी पल-पल नजर रख रहे हैं

 

महाकुंभ में भगदड़ के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जिस घाट के पास हैं वहीं स्नान करें और संगम नोज की ओर जाने से बचें। उन्होंने कहा कि स्नान के लिए कई घाट बनाए गए हैं जिनका उपयोग किया जा सकता है। सीएम योगी ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।

 

सीएम योगी आदित्यनाथ की श्रद्धालुओं से अपील


माँ गंगा के जिस घाट के आप समीप हैं, वहीं स्नान करें, संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। आप सभी प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें, व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। संगम के सभी घाटों पर शांतिपूर्वक स्नान हो रहा है। किसी भी अफवाह पर बिल्कुल भी ध्यान न दें

 

प्रयागराज महाकुंभ में हुए दुखद हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

 

पीड़ितों की हर संभव मदद


प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं

 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रयागराज महाकुंभ में हुए दुखद हादसे पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। 


प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हूं


महाकुंभ में हुए दुःखद हादसे से अत्यंत व्यथित हूं। इस दुर्घटना में जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उन्हें यह दुःख सहने की शक्ति दें। प्रशासन घायलों को अस्पतालों में उपचार दे रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हूं।

 

योग गुरु बाबा रामदेव ने घायलों के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि हमने आज प्रतीकात्मक डुबकी लगाई। आज घायल व्यक्तियों के लिए प्रार्थना करते हुए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पवित्र स्नान किया है।

 

निरंजनी अखाड़े के प्रमुख कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि अखाड़ा परिषद और सभी आचार्यों ने फैसला किया है कि वे 29 जनवरी को 'स्नान' नहीं करेंगे। ''बड़ी और अपरिहार्य भीड़ को देखते हुए अखाड़ा परिषद और सभी आचार्यों ने फैसला किया है कि हमलोग आज 'स्नान' नहीं करेंगे। हमें आम लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखना होगा।' भारतीय परंपराओं में, संत हमेशा सभी की भलाई के लिए प्रार्थना करते हैं और काम करते हैं... इसे ध्यान में रखते हुए, सभी अखाड़ों ने सहमति व्यक्त की है और आज पवित्र स्नान करने से परहेज किया है। हम वसंत पंचमी पर खुशी-खुशी पवित्र स्नान करेंगे।


अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा कि करोंड़ों की संख्या में भक्त प्रयागराज में मौजूद हैं। ऐसे में जनहित में और श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए सभी साधु-संत भी संयम बनाए रखें, वो जहां और जिस जगह पर हैं आप वहीं रहें। उन्होंने कहा कि आज का जो दिन है वो स्नान के लिए उचित नहीं है। अगर अखाड़े स्नान के लिए आते हैं तो उससे जनमानस का कल्याण नहीं होगा, बल्कि व्यवस्था में बाधा आएगी। महाकुंभ के सबसे बड़े अमृत स्नान में महानिर्वाणी अखाड़ा और अटल अखाड़ा, दोनों ही अपने शिविर में वापस लौट गए हैं। अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने सभी से अपील की है कि सभी संयम बनाए रखें। हमने पूरे विश्व भर से लोगों को बुलाया था और इस अद्भत संयोग में सभी को आओ स्नान करें का अह्वाहन किया था। इस महाकुंभ के साक्षी बनें। उन्होंने कहा कि हमने पूरा प्रयास किया था, लेकिन शायद ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।

 

संगम घाट पर हुई दुखद भगदड़ ने भीड़ प्रबंधन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसके चलते आध्यात्मिक नेता देवकीनंदन ठाकुर ने श्रद्धालुओं से पवित्र संगम पर भीड़भाड़ से बचने का आग्रह किया है।

 

महाकुंभ में मची भगदड़ को लेकर बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मैंने कल रात एक वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात लोगों तक पहुंचाई थी और श्रद्धालुओं से आग्रह किया था कि जो जहां हैं, वहीं से स्नान करें। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यहां करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं। प्रशासन दिन रात यहां मेहनत करके सभी के लिए बेहतर व्यवस्था कर रहा है। निश्चित रूप से महाकुंभ में रात की घटना दिल दहला देने वाली है। इसके लिए हम हनुमान जी के चरणों में बारंबार प्रार्थना करते हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मैं भक्तों से बस इतना कहना चाहता हूं कि संयम रखें, यही संगम है। जो जहां हैं वहीं से स्नान करें। लगभग एक महीने का महाकुंभ है, ऐसे में जरूरी नहीं कि आप एक पर्व में ही पहुंचें। इस एक महीने में किसी भी दिन, जब बहुत ज्यादा भीड़ न हो आकर स्नान करें।

हादसे के बाद 70 से ज्यादा एम्बुलेंस संगम तट पर पहुंचीं। इनसे घायलों और मृतकों को अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद संगम तट पर NSG कमांडो ने मोर्चा संभाल लिया है। संगम नोज इलाके में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई। भीड़ और न बढ़े, इसलिए प्रयागराज से सटे जिलों में श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। वहां प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। प्रयागराज कुंभ में मौजूद श्रद्धालुओं का संगम में स्नान जारी है।

 

28 January 2025

सबसे बड़ा अमृत स्नाIन: मौनी अमावस्या से पहले 15 करोड़ का आंकड़ा पार, प्रयागराज में पैर रखने की जगह नहीं! मौनी अमावस्या से पहले उमड़ी भक्तों की ‘महाभीड़’

 

दुनिया में सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ 2024 में हर रोज लाखों श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। पिछले दो-तीन दिनों से यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रयागराज में स्थित बड़े हनुमान जी मंदिर में भी दर्शन कर रहे हैं। महाकुंभ में पहली बार पूर्वोत्तर का शिविर लगाया गया है जिससे बड़ी संख्या में पूर्वोत्तर के श्रद्धालु महाकुंभ का हिस्सा बन रहे हैं। पूर्वोत्तर के सुदूर क्षेत्रों से आए संत महात्मा मौनी अमावस्या पर अखाड़ों के साथ पहली बार अमृत स्नान करेंगे। मौनी अमावस्या पर आ रहे करोड़ों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। लगभग 12 किमी के क्षेत्र में विकसित सभी 44 घाटों पर स्नान कराने की तैयारी है। घाटों पर एसडीएम के साथ सीओ, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को भी लगाया गया है।

 

महास्नान को लेकर खास तैयारियां

 

12 किमी के क्षेत्र में कुल 44 स्नान घाट बनाए गए हैं

11 लाख श्रद्धालु हर घंटे संगम में डुबकी लगा सकेंगे

10 करोड़ के करीब श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान

10 जिलों के डीएम भी लगाए गए हैं इस स्नान को लेकर

12 आईएएस और 70 पीसीएस अफसर ड्यूटी में लगे हैं

14 प्रमुख समेत 32 मार्गों से श्रद्धालु महाकुंभ में प्रवेश पा सकेंगे

30 पांटून पुल बनाए गए हैं श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए

25 सेक्टरों में बसे मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर प्रशासन की नजर है

2700 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखा जा रहा है

2 बड़े कंट्रोल रूम बनाए गए हैं कुंभ क्षेत्र में

7.5 लाख वाहन क्षमता के बने हैं 105 पार्किंग स्थल

 

23 जनवरी को महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या ने 10 करोड़ का आंकड़ा पार किया था। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का अनुमान है कि मौनी अमावस्या में अमृत स्नान के लिए 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आ सकते हैं। वहीं पूरे महाकुंभ के दौरान 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान करेंगे। देश और दुनिया से पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाने रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु तीर्थराज प्रयागराज पहुंच रहे हैं।

 

सीएम योगी ने मौनी अमावस्या स्नान को लेकर कहा कि मौनी अमावस्या पर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं होनी चाहिए। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान दिया जाए। खासतौर संगम तट के घाटों पर अतिरिक्त फोर्स के साथ ही सीसीटीवी कैमरे के स्क्रीन पर पैनी नजर रखी जाए। संगम तट के घाट ओवर क्राउड होते ही वहां कंटीजेंसी प्लान लागू कर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगम तट के घाट पर ही अखाड़ों के साधु-संत और उनके शिष्य स्नान करेंगे, ऐसे में अमृत स्नान के लिए अखाड़ों के मार्गों पर लगी बैरिकेडिंग व्यवस्था मजबूत करा लें। अखाड़ों के संत-महात्मा शोभा यात्रा निकालेंगे, जिसमें शामिल वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग भी दुरुस्त होनी चाहिए। कल 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ 2025 के दूसरे अमृत स्नान पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त हैं। सभी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रयागराज तैयार है। सरकार और प्रशासन भी पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त होकर काम कर रहे हैं। आस्था की डुबकी लगाने आ रहे श्रद्धालुओं का स्वागत है..." वहीं उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि, हमें उम्मीद है कि कल प्रयागराज में 10-12 करोड़ लोग आएंगे। सभी तरह की व्यवस्थाएं की गई है। ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, AI-सक्षम कैमरे, वाटर एटीएम, शौचालय सहित सहित सभी व्यवस्थाएं शुचारू रूप  से कार्यरत हैं।

 

भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में सभी बोर्डों के कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल 29 और 30 जनवरी को बंद रहेंगे। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी मौनी अमावस्या के अवसर पर अवकाश घोषित किया है। यह मेला क्षेत्र त्रिवेणी संगम- गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम के किनारे कई हेक्टेयर में फैला हुआ है। मेला क्षेत्र को अगले कुछ दिनों के लिए नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को जागरूक किया जा रहा है कि वो सजग रहें और किसी तरह की अफवाह में न फंसें। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का सहयोग करें और किसी भी तरह की समस्या में पुलिस का सहयोग लें। पुलिस और प्रशासन श्रद्धालुओं की मदद के लिए 24 घंटे उपलब्ध है।

 

प्रयागराज संगम स्नान के लिए लाखों श्रद्धालु रेलवे स्टेशनों पर उमड़ पड़े हैं। दीनदयाल उपाध्याय और चंदौली रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। प्रशासन और सुरक्षा बल मुस्तैद हैं, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। भारतीय रेलवे ने 10,000 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, फिर भी यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

 

29 जनवरी की सुबह से अमृत स्नान शुरू होगा। इस दौरान साधु-संत और श्रद्धालु मौन व्रत धारण कर स्नान करेंगे। मौनी अमावस्या से पहले ही अखाड़ों, संतों, रैन बसेरों और शिविरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो चुकी है। प्रशासन ने अखाड़ा मार्ग को सील कर दिया है और अलग से घाट बनाए हैं