देवभूमि उत्तराखंड आज लव जिहादियों के जद में है. हर ओर आज
लवजिहादियों ने अपनी जड़े जमानी शुरू कर दी है. आए दिन कोई न कोई मासूम हिन्दू लड़की
लव जिहादियों के हाथों हत्या के शिकार होरही है. लव जिहाद की भड़कती ज्वाला ने पूरे
पहाड़ को ज्वालामुखी की जला रही है. जिहाद की जद में जकड़ता देवभूमि इसकदर तार-तार
हो चुका की हल्की-सी हवा लगते ही भभक उठता है. रुड़की, सतपुली, हरिद्वार, कोटद्वार, देहरादून, काशीपुर और हल्द्वानी इन तमाम जगहों पर लव जिहादी की भयावह घटनाएं हो चुकी
हैं. इस सभी अपराधों में आरोपित खास समुदाय के लोग आज भी खुलेआम घूम रहे हैं.
आज जिहादी समुदाय लव जिहाद के आड़ में दुकानों/मकानों और बस्तियों में
तोड़-फोड़ और आगजनी पूरे प्रदेश में दहशत फैलाने का काम रहा है. इस उन्मादी भीड़ की
जिहादी चरित्र से हिन्दू सामाज अपनी बहन-बेटियों की इज्जत आबरू बचाने के लिए अपने
वजूद से संघर्ष कर रहा है.
पहाड़ की शांत वादियों में जिहाद की जड़े
जमाने की कवायद ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को गहरा अघात पहुंचा है. आज
देवभूमि में धर्म और सामाज दोनों पर काला बादल मडरा रहा है. उत्तराखंड के पहाड़ों में
बढ़ती मुस्लिम आबादी ने पूरे राज्य की सामाजिक ताना-बाना को बदल रहा है. शासन-प्रशासन
की लापरवाही और बेरुखी ने हिन्दू सामाज के लड़कियों की जिंदगी बदहवास बना दिया है.
पहाड़ के गांव पलायन के कारण खाली हो रहे हैं क्योंकी आज हर गली मोहल्ले में बाबर और गजनी का आतंक मचा हुआ है. यही कारण है की इज्जत आबरू की लोकलाज से डरा हुआ हिन्दू पलायन कर रहा है, तो वहीँ दूसरी ओर पहाड़ जिहादियों के बसेरे का सबसे सबसे अच्छी जगह बनती जारही है. उत्तराखंड भी कश्मीर न बन जाए आज इस आवाज को अनसुना किया जारहा है. ताज़ा घटना रोली कुमारी और तनुजा की है ये दोनों बहने अब जोशी से खान बन चुकी है. परिवार घर बार छोड़ कर पलायन कर चुका है. मगर अब मोहम्मद इबरार ख़ान एवं मोहम्मद अब्दुस्सलाम अली से निकाह करने वाली दोनों बहनों पर जबरन धर्मान्तरण करने के लिये दबाव डाला जारहा है.
सूत्रों के अनुसार इन दोनों हिन्दू लड़कियों को जमात-ए-इस्लामी की पोस्टर वूमेन बनाने की कवायद चल रही है. अगर समय रहते इसपर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले वक़्त में उत्तराखण्ड के अन्दर ऐसे अनेकों मास कन्वर्जन की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं. लव जिहाद की फैक्ट्री में इज्जत अबरू पिस रही है और हिन्दू सामाज मूकदर्शक बन तमाशा देख रहा है.
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