12 June 2021

धर्म के आधार पर फिलिस्तीन का साथ क्यों ?

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष जारी है. इस जंग में अब तक करीब 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. इसी बीच इजरायल के समर्थन और विरोध करने वालों की होड़ लगी हुई है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्वीट कर समर्थन देने वालों देशों का शुक्रिया जताया है... लेकिन इसमें भारत का जिक्र नहीं किया गया है. बेंजामिन नेतन्याहू के इस ट्वीट पर भारतीयों अब सवाल पूछ रहे हैं की इसमें भारतीय ध्वज कहां है ?

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन सभी देशों का धन्यवाद दिया है जिसने इजरायल के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए और आतंकवादी हमलों के खिलाफ आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया हैभारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रही हिंसा पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. 

हालांकि संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने पिछले दिनों कहा था कि दोनों पक्षों को जमीन पर यथास्थिति बदलने से बचना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा था कि तत्काल हिंसा खत्म करने और तनाव घटाने की ज़रूरत है. लगातर चल रहे संघर्ष की वजह से दोनों देशों को काफी नुकसान हुआ है. लेकिन फिलिस्तीन सबसे ज्यादा प्रभावित है. इजरायल ने गाजा में हमास के प्रमुख के घर पर बमबारी की है इसके जवाब में हमास ने भी तेल अवीव में रॉकेट दागे हैं.

इजरायल की ओर से की गई एयर स्ट्राइक में चार फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं. इजरायल ने  फिलिस्तीन के साथ चल रहे संघर्ष के लिए हमास को दोषी ठहराया है. देशवासियों को संबोधित करते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि  ये लड़ाई आतंक के खिलाफ है. हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि इससे नागरिकों की जान खतरे में न पड़े. अभी हम ऑपरेशन के बीच हैं, यह खत्म नहीं हुआ है और जब तक जरूरी होगा यह ऑपरेशन चलता रहेगा.


कुछ महत्वपूर्ण सवाल 


1.   फिलिस्तीन के समर्थन करने वालों का समर्थन करने की तर्क का आधार क्या है ? 


2.  केवल फिलिस्तीन मुस्लिम देश है इस मुद्दे के आधार पर समर्थन क्यों किया जाय ?


3.  इस्लाम के नाम पर फिलिस्तीन का सर्थन करने वाले हिंदुस्थान पाकिस्तान लड़ाई में किसका समर्थन करेंगे ?

 

4.  राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए देश के सभी नागरिकों का दृष्टिकोण  एक समान होना चाहिए, यह क्यों भुला दिया जाता है ?


5.  नागरिकों का मत विभाजन राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा के लिए ख़तरा होता हैं, यह क्यों भुलाया जा रहा है ?


6.  क्या यह स्वतंत्रता पूर्व तुर्की के ख़लीफ़ा के लिए किए गए ख़िलाफ़त आंदोलन के समान नहीं हैं ?


7.  ख़िलाफ़त आंदोलन के कारण पाकिस्तान की भावना मज़बूत हुईं थी, क्या फिलिस्तीन के कारण एक और विभाजन का भाव नहीं बनाएगी ?


8.  राष्ट्रीय नीति से इतर कोई अन्य नीति राष्ट्रद्रोह नहीं तो और क्या हैं ?


9.   इस्लाम में सबसे पहले धर्म की मान्यता हैं, तो ऐसे लोग विभाजन के समय पाकिस्तान क्यों नहीं गए ?


10.    बात-बात पर हिंदू-मुस्लिम की अलग राय रखने का हठ देश हित में नहीं है, फिर भी ये हठ क्यों ?

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